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सोमवार, 5 नवंबर 2018

RTI से खुलासा: पूर्व विधायकों को मिल रही है लाखों रुपए महीना पेंशन, जेल में बैठे चौटाला ले रहे हैं 2.22 लाख महीना पेंशन

चंडीगढ़: आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने हरियाणा विधानसभा से मिली जानकारी से खुलासा किया है जिसे जानकर आप चोंक जाएंगे। जानकारी से पता चला है कि हरियाणा के कुल 262 पूर्व विधायकों की मासिक पेंशन पर प्रति वर्ष 22.93 करोड़  रूपये खर्च किए जा रहे हैं। जेल में बंद हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को हर माह 2.22 लाख रूपये पेंशन बतौर पूर्व विधायक दी जा रही है। विश्व के सबसे अधिक धनी उद्योगपतियों की सूची में शामिल व जिन्दल ग्रुप की चेयरमैन सावित्री जिन्दल को प्रतिमाह 90,563/- रूपये पैंशन मिल रही है। जबकि वह 642 अरब रूपय(8.8 अरब डॉलर) सम्पति की मालिक भी हैं।
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जानिए किसे कितनी मिलती है एक महीने की पेंशन
रेवाड़ी के पूर्व विधायक अजय सिंह यादव - 2.38 लाख
सम्पत सिंह - 1.91 लाख
ऐलनाबाद के पूर्व विधायक भागीराम - 1.91 लाख शमशेर सिंह सुर्जेवाला - 1.76 लाख
अशोक अरोड़ा - 1.60 लाख
हरमोहिन्द्र सिंह चट्ठा - 1.60 लाख
चन्द्रमोहन बिश्नोई - 1.53 लाख
धर्मवीर गाबा - 1.53 लाख
खुर्शीद अहमद - 1.53 लाख
फूलचंद मुलाना - 1.68 लाख
मांगेराम गुप्ता - 1.68 लाख
शकुंतला भगवाडिय़ा - 1.68 लाख
बलबीरपाल शाह - 2.07 लाख
सतबीर कादियान - 1.29 लाख
स्वामी अग्रिवेश - 0.50 लाख
शारदा रानी - 1.37 लाख
देवीदास सोनीपत - 1.21 लाख
दिल्लू राम कैथल - 1.13 लाख
कमला वर्मा - 1.32 लाख
कंवल सिंह हिसार - 1.22 लाख
निर्मल सिंह अंबाला - 1.53 लाख
मोहम्मद इलयास - 1.37 लाख रूपये प्रति माह शामिल हैं। कुल 262 पूर्व विधायकों को पैंशन दी जा रही है।
क्या कहना है RTI एक्टिविस्ट का
आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने बताया कि गत 8 अक्टूबर को उन्होंने हरियाणा विधानसभा में आरटीआई लगाई थी। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय के राज्य जन सूचना अधिकारी एवं सीनियर लॉ ऑफिसर शोभित शर्मा ने 30 अक्टूबर के पत्र द्वारा सूचनाएं भेजी हैं। कपूर ने बताया कि पिछले 5 वर्षों में पूर्व विधायकों की मासिक पेंशन में दो सौ प्रतिशत से ज्यादा तक की वृद्धि की गई है। जहां पाँच वर्ष पहले इनकी न्यूनतम मासिक पैंशन 20,250/- रूपये प्रति माह थी। वहीं अब यह न्यूनतम मासिक पैंशन 51,750/- रूपये हो चुकी है।
कपूर ने कहा कि इन विधायकों ने सभी सुख-सुविधाओं, मोटे वेतन, पैंशनें अपने लिए रख लिए। जबकि अपना सारा जीवन देश के विकास व निर्माण में खपा देने वाले मजदूरों, किसानों, आम नागरिकों को पेंशन के नाम पर झुनझुना पकड़ाया जाता है। एक ओर जहां आम नागरिकों से सिलेंडर की सब्सिडी ना लेने की सरकार अपील कर रही है वहीं ये पूर्व विधायक इतनी भारी भरकम पेंशन ले रहे हैं। रोडवेज की बसों के लिए पैसे की कमी का बहाना बताकर रोडवेज का निजीकरण किया जा रहा है। लेकिन पूर्व विधायकों की पेंशन के लिए पैसे की कमी नहीं है। कपूर ने कहा कि साधन सम्पन्न पूर्व विधायकों को स्वेच्छा से इन भारी भरकम पैंशनों का परित्याग करके आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए। इन पैंशनों को तत्काल बंद किया जाना चाहिए।

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