Haryana Roadways: रोडवेज हड़ताल के दौरान रखे गए 3500 कर्मियों को हाईकोर्ट से बड़ा झटका

चंडीगढ़: पिछले साल रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान दिहाड़ी पर रखे गए कर्मियों को एडजस्ट करने की अपील वाली याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हरियाणा रोडवेज विभाग ने हाईकोर्ट को बताया था कि उनके पास कर्मचारी सरप्लस हैं और हरियाणा रोडवेज घाटे में है, ऐसे में इन कर्मचारियों को एडजस्ट नहीं किया जा सकता है। इस दलील को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।

बता दें याचिकाकर्ताओं ने हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान बसों में ड्राइवर और कंडक्टर की दिहाड़ी के आधार (डीसी रेट) पर जिम्मेदारी संभाली थी। वही हड़ताल खत्म होने के बाद इनको निकाल दिया गया था। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए याचिकाकर्ताओं ने हड़ताल खत्म होने के साथ ही उनकी सेवाएं समाप्त किए जाने के आदेश को चुनौती दी है।
याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ताओं ने हरियाणा रोडवेज का साथ तब दिया था जब उनके कर्मी हड़ताल पर गए थे। उस दौरान वे प्राइवेट नौकरी कर रहे थे। जिसे छोड़कर उन्होंने रोडवेज में सेवाएं दी। इस दौरान उन्हें आश्वस्त किया गया था कि भर्ती में उन्हें एडजस्ट किया जाएगा। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा था कि इन कर्मचारियों की जरूरत है या नहींयाचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ताओं ने हरियाणा रोडवेज का साथ तब दिया था जब उनके कर्मी हड़ताल पर गए थे। उस दौरान वे प्राइवेट नौकरी कर रहे थे। जिसे छोड़कर उन्होंने रोडवेज में सेवाएं दी। इस दौरान उन्हें आश्वस्त किया गया था कि भर्ती में उन्हें एडजस्ट किया जाएगा। वही Haryana Roadways विभाग ने बताया कि रोडवेज में 3829 बसें हैं जबकि कंडक्टरों की संख्या उनके पास 6651 है।

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